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	<title>कान के रोग Archives - HearingSol स्पीच एंड हियरिंग क्लिनिक</title>
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	<description>बेहतर सुनें स्पष्ट बोलें</description>
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	<title>कान के रोग Archives - HearingSol स्पीच एंड हियरिंग क्लिनिक</title>
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		<title>दिवाली पर पटाखे जलाते वक्त हो गया कान सुन्न? बरते सावधानियां</title>
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		<dc:creator><![CDATA[hearing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Oct 2019 13:08:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कान के रोग]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>दिवाली का अवसर आये और पटाखों का जिक्र न हो? भाई ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। चूँकि हम बहुत सी प्रचलित कहानियों और अवधारणाओं के अंतर्गत दीपावली के इस पावन त्यौहार को असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मानते है। इसलिए जीत का जश्न मानाने के लिए दिवाली पर पटाखे चलाना ... <a title="दिवाली पर पटाखे जलाते वक्त हो गया कान सुन्न? बरते सावधानियां" class="read-more" href="https://www.hearingsol.com/hi/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be/" aria-label="More on दिवाली पर पटाखे जलाते वक्त हो गया कान सुन्न? बरते सावधानियां">Read more</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p>दिवाली का अवसर आये और पटाखों का जिक्र न हो? भाई ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। चूँकि हम बहुत सी प्रचलित कहानियों और अवधारणाओं के अंतर्गत दीपावली के इस पावन त्यौहार को असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मानते है। इसलिए जीत का जश्न मानाने के लिए दिवाली पर पटाखे चलाना तो बनता है।</p>



<p>बात जब आतिशबाजियों की आये तब हर किसी का मन उत्साह से भर जाता है। जिसमें सबसे आगे होते है बच्चे, जी हाँ, बच्चों को दीपावली मनाना बहुत अधिक पसंद होता है। पर उन्हें इससे जुडी सावधानियों का पता नहीं होता है। इसलिए पटाखे जलाते वक्त लापरवाही से उनके कान सुन्न हो सकते है, और अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।</p>



<p>तो आइये आज हम बात करते है की दिवाली पर पटाखे जलाते समय कान सुन्न होने से कैसे रोका जाये? इससे सेहत को क्या नुकसान है? कौन से पटाखे कैसे फोड़ने चाहिए? तथा सेहतमंद दिवाली मानाने के लिए क्या सावधानी बरते?</p>



<div class="toc">
<h2>इस लेख में हम चर्चा करेंगे :</h2>
<ul>
<li><a href="#heading1">1. दिवाली पर पटाखे से कान सुन्न होना</a></li>
<li><a href="#heading2">2. दिवाली पर पटाखे से सेहत को नुकसान</a></li>
<li><a href="#heading3">3. दिवाली पर पटाखे जलाएं तो बरतें सावधानी</a></li>
<li><a href="#heading4">4. दिवाली पर पटाखे फोड़ने का तरीका</a></li>
<li><a href="#heading5">5. दिवाली पर पटाखे छोड़ें ध्यान से</a></li>
<li><a href="#heading6">6. दिवाली पर किस तरह के पटाखे कैसे छोड़ें?</a></li>
<li><a href="#heading7">7. कैसे मनाएं सेहतमंद व सुरक्षित दिवाली?</a></li>
<li><a href="#heading8">8. निष्कर्ष व परिणाम</a></li>
</ul>
</div>



<h2 id="heading1">दिवाली पर पटाखे से कान सुन्न होना</h2>



<p>अक्सर ऐसा देखा जाता है की दीपावली के समय चारों तरफ पटाखों से घिरे होने के कारण आपके आसपास कभी भी कोई भी बम या अतिशबाजी फट सकती है। अथवा कभी-कभी पास से कोई पटाखा या बम आदि चलाने पर वह उम्मीद से पहले ही चल जाता है, और आपको वहां से भागने का मौका नहीं मिलता है।</p>



<p>ऐसे में आपके अधिक पास इनके फटने से इसका सीधा असर आपके कान पर पड़ता है। जिससे तुरंत कान सुन्न पड़ जाते है, और कुछ समय तक आपको दोनों कानो से या किसी <a href="https://www.hearingsol.com/hi/एक-कान-में-बहरापन/">एक कान से सुनाई न देने</a> जैसी समस्या हो सकती है। सभी पटाखे जोरदार शोर नहीं करते है पर कुछ पटाखों से <a href="https://www.hearingsol.com/hi/ध्वनि-प्रदूषण/">ध्वनि प्रदुषण</a> बहुत अधिक होता है।</p>



<p>इनसे निकलने वाला यह तेज़ शोर मनुष्य की <a href="https://www.hearingsol.com/hi/सुनने-की-क्षमता/">सुनने की क्षमता</a> से कहीं अधिक होता है। इसलिए <a href="https://www.hearingsol.com/hi/पटाखों-से-बहरापन/">पटाखों से बहरापन</a> होने की सम्भावना बढ़ जाती है। क्योंकि सामान्य व्यक्ति 65 डेसीबल तक ध्वनि बर्दाश्त कर सकता है। जबकि कुछ आतिशबाजियां तो 200 डीबी तक की आवाज निकालती है।</p>



<p><strong>क्रैकर्स से आपके कानों को और क्या-क्या हानि हो सकती है? जानिए &#8211;</strong></p>



<div class="wp-block-image"><figure class="alignright is-resized"><img src="https://www.hearingsol.com/hi/wp-content/uploads/2019/10/Ear-problems-in-Diwali-300x202.jpg" alt="पटाखे से कान सुन्न होना" class="wp-image-3886" width="360" height="249"/><figcaption>पटाखे से कान सुन्न होना</figcaption></figure></div>



<ul><li><a href="https://www.hearingsol.com/hi/कान-का-पर्दा-फटना/">कान का पर्दा फटना</a></li><li><a href="https://www.hearingsol.com/hi/कान-की-नस/">कान की नस में क्षति</a></li><li><a href="https://www.hearingsol.com/hi/बंद-कान-या-कान-में-भारीपन/">कान में भारीपन होना</a></li><li><a href="https://www.hearingsol.com/hi/कान-का-दर्द-ओटाल्जिया/">कान में तेज़ दर्द होना</a></li><li><a href="https://www.hearingsol.com/hi/टिनिटस/लक्षण/">कान में घंटियां बजना</a></li><li><a href="https://www.hearingsol.com/hi/टिनिटस/">टिनिटस हो जाना</a></li><li><a href="https://www.hearingsol.com/hi/बहरापन-और-श्रवण-हानि/">सुनने में समस्या होना</a></li><li><a href="https://www.hearingsol.com/hi/बहरापन-और-श्रवण-हानि/कंडक्टिव-हियरिंग-लॉस/">अस्थायी श्रवण हानि</a></li><li><a href="https://www.hearingsol.com/hi/बहरापन-और-श्रवण-हानि/सेंसरीन्यूरल-हियरिंग-लॉस/">संवेदी बहरापन होना</a></li><li><a href="https://www.hearingsol.com/hi/कान-से-खून-आना/">कान से खून आना</a></li></ul>



<h2 id="heading2">दिवाली पर पटाखे से सेहत को नुकसान</h2>



<p>पटाखों को जलाने में जितना आनंद आता है? यह बाद में उतना ही ज्यादा नुक्सान करते है। क्योंकि आतिशबाजियों को बनाने के लिए इनमे तरह तरह के कैमिकल्स (रसायन) और हानिकारक तत्व मिलाये जाते है। जो की जलने पर रंगबिरंगी रोशनियां प्रदान करते है, और तेज़ आवाज निकालते है।</p>



<p>इसके अतिरिक्त पटाखों में पाए जाने वाले इन तत्वों के जलने पर गहरा धुआं और जहरीली गैसें भी निकलती है। जो की आपकी सेहत को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंच सकती है। इसलिए दिवाली में अपनी सेहत का ख्याल रखने के लिए पटाखों को ध्यान से चुने।</p>



<p><strong>पटाखों से सेहत को निम्नलिखित हानि पहुँच सकती है &#8211;</strong></p>



<div class="wp-block-image"><figure class="alignright is-resized"><img loading="lazy" src="https://www.hearingsol.com/hi/wp-content/uploads/2019/10/1508397228-df-300x225.jpg" alt="पटाखे से सेहत को नुकसान" class="wp-image-3887" width="360" height="266"/><figcaption>पटाखे से सेहत को नुकसान</figcaption></figure></div>



<ul><li><a href="https://www.hearingsol.com/hi/नाक-की-सूजन-रायनाइटिस/">एलर्जिक राइनाइटिस होना</a></li><li>फेफड़ों में समस्याएं होना</li><li>सांस से जुडी समस्या होना</li><li>दमा या अस्थमा रोग होना</li><li>दिल का दौरा (स्ट्रोक) पड़ना</li><li>ह्रदय सम्बन्धी रोग होना</li><li>आँखों में तकलीफ होना</li><li>रक्त संचार में रूकावट</li><li>गर्भवती महिला को हानि</li><li>अचानक गर्भपात होना</li><li><a href="https://www.hearingsol.com/hi/बच्चे-की-सुनने-की-शक्ति/">गर्भस्थ शिशु में श्रवणहानी</a></li><li><a href="https://www.hearingsol.com/hi/जन्मजात-बहरापन/">जन्मजात बहरापन</a></li></ul>



<h2 id="heading3">दिवाली पर पटाखे जलाएं तो बरतें सावधानी</h2>



<p>दिवाली के मस्ती और जोश में हम अक्सर बहुत ज्यादा उत्साहित हो जाते है जिससे कई गलतियां और लापरवाही होने की आशंका रहती है। आतिशबाजी जलाते समय सावधानी बरतना बहुत जरुरी है, अन्यथा जरा सी चूक से हादसा होने का खतरा सदा ही बना रहता है। इसलिए आज हम आपको कुछ जरुरी सुझाव दे रहे है। </p>



<p><strong>निम्नलिखित सावधानी रखने से आप खतरों को काफी हद तक टाल सकते है &#8211;</strong></p>



<ul><li>पटाखे जलाते समय अपने आसपास गतिविधियों का ध्यान रखें</li><li>देखें की कहीं, कोई आपके निकट पटाखा तो नहीं जला रहा?</li><li>किसी असावधान व्यक्ति के पास बम या आतिशबाजी न छोड़ें</li><li>रॉकेट को किसी घर या व्यक्ति की तरफ रखकर न चलाएं</li><li>फुलझड़ियों और अनार आदि को चलाने के बाद यूँ ही न फेंकें</li><li>चकरी को चलाते समय उस के पास बम या पटाखा न फेंकें</li><li>हाथ में रखकर या पकड़कर पटाखे बिकुल भी न जलाएं</li><li>पटाखे जलाने के लिए दीये या मोमबत्ती का इस्तेमाल न करें</li><li>आतिशबाजी के आसपास जलता दीपक या मोमबत्ती न रखें</li></ul>



<h2 id="heading4">दिवाली पर पटाखे फोड़ने का तरीका</h2>



<p>दिवाली पर आतिशबाजियों से खेलना लगभग सभी को पसंद होता है। इनसे निकलने वाली आवाज और रोशनियाँ हमें बहुत भाती है। पर इन्हे जलाते समय हुई गलती आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए पटाखों को जलाने तरीका आपको आना चाहिए। जिससे की इनका आनंद लेते हुए सुरक्षित रहा जा सके। </p>



<p><strong>सुरक्षित रूप से पटाखे छोड़ने (चलाने) का तरीका निम्नलिखित है &#8211;</strong></p>



<ul><li>पटाखे हमेशा दूरी बनाकर ही फोड़ें</li><li>पटाखा जलाने के लिए अगरबत्ती लें</li><li>तेज़ आवाज वाले बम को खुले में चलाएं</li><li>बड़े लोगों की निगरानी में पटाखे जलाएं</li><li>पटाखे जलाने से पहले उसकी बत्ती छील लें</li><li>फुलझड़ी जलने के बाद पानी में डाल दें</li><li>अनार में दूर से किसी चीज़ से आग लगाएं</li><li>चकरी जलाने से पहले उसकी बत्ती निकाल लें</li></ul>



<h2 id="heading5">दिवाली पर पटाखे छोड़ें ध्यान से</h2>



<p>यदि आप दीपावली पर पटाखे चलाते समय थोड़ा ध्यान रखें तो आपको दिवाली का आनंद मिलने के साथ ही परेशानियों से बचने का लाभ भी प्राप्त होगा, और आपकी दिवाली हर साल की तरह ही यादगार रहेगी। अपने परिवार की सुरक्षा खुद आपकी जिम्मेदारी है। इसलिए अपनी दिवाली को आनंद से भरने के लिए सावधानियां जरुरी है। </p>



<p><strong>इसलिए आपको निम्नलिखित तथ्यों का ध्यान रखना चाहिए &#8211;</strong></p>



<div class="wp-block-image"><figure class="alignright is-resized"><img loading="lazy" src="https://www.hearingsol.com/hi/wp-content/uploads/2019/10/assorted-colorful-crackers-300x197.jpg" alt="पटाखे फोड़ें ध्यान से" class="wp-image-3888" width="360" height="248"/><figcaption>पटाखे फोड़ें ध्यान से</figcaption></figure></div>



<ul><li>जल्दी जलने वाले पटाखों से सावधान रहें</li><li>इन्हे जलाने के लिए इनकी बत्ती छील लें</li><li>कपड़ों के पास फुलझड़ियां नहीं जलाएं</li><li>रौशनी, और फुलझड़ी को खुद से दूर रखें</li><li>पटाखे जलाते समय जूते चप्पल जरूर पहने</li><li>ऐसे कपडे पहने जो जल्दी आग न पकड़ते हों</li><li>रॉकेटों को हमेशा आसमान की तरफ जलाएं</li><li>पटाखे को जलाकर किसी पर फेंकें नहीं नहीं</li><li>पटाखे को ज्वलनशील पदार्थों से दूर ही रखें</li><li>राकेट जमीन पर रखकर बिलकुल न चलायें</li></ul>



<h2 id="heading6">दिवाली पर किस तरह के पटाखे कैसे छोड़ें?</h2>



<p>दिवाली पर आपको जलाने के लिए आतिशबाजियों की एक बहुत बड़ी और विस्तृत श्रंखला बाजार में मिल जाएगी। हर साल दिवाली पर नए नए किस्म के और बेहतर पटाखे आते ही रहते है जिनकी कोई कमी नहीं है। इसलिए इन सभी प्रकार के पटाखों की जो मूल किस्में है। उन्हें जलाने की सही प्रक्रिया आपको पता होनी चाहिए। इसलिए अब हम बात करते है की किस किस्म की आतिशबाजी को कैसे जलाना चाहिए?</p>



<p><strong>विभिन्न प्रकार के पटाखे छोड़ने के तरीके निम्नलिखित है &#8211;</strong></p>



<ul><li>रॉकेट को हमेशा सीधा रखकर किसी बोतल में चलना चाहिए।</li><li>बम को चलाने के लिए उसकी बत्ती छील कर दूर से जलना चाहिए।</li><li>चकरी को जल्दी जलाने के लिए रौशनी या फुलझड़ी का प्रयोग करें।</li><li>फुलझड़ी को जल्दी जलाने के लिए रौशनी, फुलझड़ी या मोमबत्ती लें।</li><li>अनार को जलाने के लिए आप फुलझड़ी अथवा रौशनी इस्तेमाल करें।</li><li>पटाखा जलाने से पहले उसकी बत्ती थोड़ी साफ करके रोगन हटा दें।</li><li>किसी भी पटाखे बम आदि को चलाने के लिए अगरबत्ती का प्रयोग करें।</li></ul>



<h2 id="heading7">कैसे मनाएं सेहतमंद व सुरक्षित दिवाली?</h2>



<p>अपनी दिवाली को सुरक्षित रूप से मानाने के लिए और इस अवसर पर सेहत का ध्यान रखने के लिए आपको जागरूक रहना बहुत जरुरी है। अपने परिवार की सेहत को बेहतर रखने और सुरक्षापूर्वक दिवाली के पलों का आनंद लेने के लिए अच्छा खाएं और सेहत से जुडी सावधानियों पर भी गौर करें। </p>



<p><strong>सेहतमंद दिवाली के लिए निम्नलिखित तथ्यों पर गौर करें &#8211;</strong></p>



<ul><li>पटाखे जलाते समय पूरे बाहं के कपडे पहने।</li><li>दिवाली पर कोशिश करें की सूती कपडे ही पहने।</li><li>नंगे पैर रहकर कभी भी आतिशबाजी न चलाएं।</li><li>कम शोर और धुंए वाले पटाखों को इस्तेमाल करें।</li><li>शोर से बचने के लिए कान में ईयरप्लग लगाएं।</li><li>धुंए से बचने के लिए कोई मास्क अवश्य पहने।</li><li>पटाखे फोड़ने के बाद अपने हाथ जरूर धोये।</li></ul>



<h2 id="heading8">निष्कर्ष व परिणाम</h2>



<p>दिवाली का त्यौहार हम सभी के लिए खुशियां लेकर आता है। इसलिए हमें भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए की यह खुशियां बरक़रार रहें, और इनमे किसी भी प्रकार की कोई परेशानी उत्पन्न न हो। इसके लिए बेहद जरूरी है की आप सुरक्षा के सभी नियमों का पालन करें। दिवाली पर आतिशबाजी को ध्यान से चुने। बच्चों के साथ चलने के लिए कम शोर और धुंए वाले पटाखों का इस्तेमाल करें। स्वस्थ रहें सुरक्षित रहें।</p>
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		<title>सुरक्षित दिवाली कैसे मनाएं? जानिए जलने पर घरेलु उपाय</title>
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		<dc:creator><![CDATA[hearing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Oct 2019 13:03:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कान के रोग]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आज हम सुरक्षित दिवाली मानाने के तरीको के बारे में बात करेंगे। क्योंकि आपको पता होगा की दिवाली आने वाली है, जी हाँ इस वर्ष 2020 में 14 नवंबर की शाम दीपावली की धूम मचने वाली है। क्योंकि यह त्यौहार ही धूम-धड़ाके का है, यहाँ हम बात कर रहे है पटाखों और रंगबिरंगी आतिशबाजियों की, ... <a title="सुरक्षित दिवाली कैसे मनाएं? जानिए जलने पर घरेलु उपाय" class="read-more" href="https://www.hearingsol.com/hi/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80/" aria-label="More on सुरक्षित दिवाली कैसे मनाएं? जानिए जलने पर घरेलु उपाय">Read more</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p>आज हम सुरक्षित दिवाली मानाने के तरीको के बारे में बात करेंगे। क्योंकि आपको पता होगा की दिवाली आने वाली है, जी हाँ इस वर्ष 2020 में 14 नवंबर की शाम दीपावली की धूम  मचने वाली है। क्योंकि यह त्यौहार ही धूम-धड़ाके का है, यहाँ हम बात कर रहे है पटाखों और रंगबिरंगी आतिशबाजियों की, वैसे तो दिवाली का दिन आने में तो अभी बहुत समय है।</p>



<p>परन्तु उस समय का इंतज़ार कौन करें? लगभग हर बच्चे का यही सोचना होता है। तभी तो दीपावली से बहुत दिन पहले या दशहरे से ही बच्चे तो मनो बस आतिशबाजी चलाने का मौका ही देख रहे होते है, और इसका भरपूर फायदा भी उठाते है। लेकिन दिवाली में चलाये जाने वाले सभी पटाखे सुरक्षित नहीं होते है।</p>



<p>तो चलिए जानते है की पटाखे हानिकारक क्यों होते है? और सुरक्षित दिवाली मानाने के लिए क्या करना चाहिए? साथ ही जानिए आतिशबाजी से जल जाने पर काम आने वाले कुछ जरुरी घरेलु नुस्खे क्या है?</p>



<div class="toc">
<h2>इस लेख में हम चर्चा करेंगे :</h2>
<ul>
<li><a href="#heading1">1. पटाखों से क्या नुकसान होता है?</a>
<ul>
<li><a href="#heading1.1">1.1. अधिक तेज़ शोर</a></li>
<li><a href="#heading1.2">1.2. स्वास्थ्य समस्याएं</a></li>
<li><a href="#heading1.3">1.3. गर्भवती महिलाओं को खतरा</a></li>
<li><a href="#heading1.4">1.4. विभिन्न संक्रमण का खतरा</a></li>
<li><a href="#heading1.5">1.5. मरीजों व अन्य जीवों को हानि</a></li>
</ul></li>
<li><a href="#heading2">2. सुरक्षित दिवाली कैसे मनाएं?</a></li>
<li><a href="#heading3">3. सुरक्षित दिवाली के लिए सरकारी आदेश</a>
<ul>
<li><a href="#heading3.1">3.1. नहीं मिलेगी पटाखों वाली लड़ी</a></li>
<li><a href="#heading3.2">3.2. अत्याधिक शोर वाले पटाखे</a></li>
<li><a href="#heading3.3">3.3. वायु प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे</a></li>
<li><a href="#heading3.4">3.4. गैर सुरक्षित चीनी पटाखे</a></li>
</ul></li>
<li><a href="#heading4">4. 2019 में ग्रीन पटाखों से सुरक्षित दिवाली</a></li>
<li><a href="#heading5">5. सुरक्षित दिवाली मनाये ई-पटाखे से</a></li>
<li><a href="#heading6">6. सुरक्षित दिवाली मानाने के लिए सुझाव</a>
<ul>
<li><a href="#heading6.1">6.1. सावधानी से जलाएं पटाखे</a></li>
<li><a href="#heading6.2">6.2. पटाखों को खुद से रखें दूर</a></li>
<li><a href="#heading6.3">6.3. सही कपड़ों का करें चुनाव</a></li>
<li><a href="#heading6.4">6.4. बिजली के सामान से दूर जलाएं</a></li>
<li><a href="#heading6.5">6.5. घर के अंदर बिल्कुल न चलाएं</a></li>
<li><a href="#heading6.6">6.6. सुरक्षा का इंतज़ाम साथ रखें</a></li>
</ul></li>
<li><a href="#heading7">7. पटाखे से जलने पर घरेलु उपचार</a></li>
<li><a href="#heading8">8. निष्कर्ष व परिणाम</a></li>
</ul>
</div>



<h2 id="heading1">पटाखों से क्या नुकसान होता है?</h2>



<p>वैसे तो आतिशबाजी चलाने से हम सभी को बहुत आनंद आता है। पर क्या आपको पता है की चंद मिनट के लिए मनोरंजन करने वाली यह वस्तु कितनी खतरनाक होती है? जी हाँ, क्योंकि अक्सर पटाखे बनाने के लिए कई तरह के रसायन या धातुओं जैसे की &#8211; मैग्नेशियम, सोडियम, कैडियम, लेड, जिंक, नाइट्रेट और नाइट्राइट आदि। </p>



<p>हानिकारक तत्वों का इस्तेमाल होता है। चूँकि यह सभी तत्व जलने पर जरहरीला धुआं उत्पन्न करते है इसलिए ये कैमिकल्स सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। इनसे आपको कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है।</p>



<p><strong>पटाखों से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं निम्नलिखित है &#8211;</strong></p>



<h3 id="heading1.1">1. अधिक तेज़ शोर</h3>



<p>वैसे तो पटाखे होते ही शोर मचाने के लिए है, पर इसकी भी एक सीमा होती है। चूँकि इन हानिकारक तत्वों से तैयार की गयी आतिशबाजी से निकलने वाली ध्वनि भी 125 डेसिबल से अधिक होती है। इसलिए यह <a href="https://www.hearingsol.com/hi/ध्वनि-प्रदूषण/">ध्वनि प्रदुषण</a> किसी भी व्यक्ति को बहुत आसानी से बहरा बना सकती हैं। क्योंकि <a href="https://www.hearingsol.com/hi/सुनने-की-क्षमता/">मनुष्य की सुनने की क्षमता</a> 65 डेसीबल तक होती है। ऐसे में कई बार <a href="https://www.hearingsol.com/hi/पटाखों-से-बहरापन/">पटाखों से बहरापन</a> हमेशा के लिए भी हो सकता है। </p>



<blockquote class="wp-block-quote"><p>सामान्यतः शोर का मानक स्तर दिन में 55 डीबी और रात्रि के समय <em>लगभग</em> 45 डेसिबल होता है। लेकिन दीपावाली की शाम यह स्तर 70 से 90 डेसिबल तक पहुंच जाता है। इतना शोर <a href="https://www.hearingsol.com/hi/कान-का-पर्दा-फटना/">कान के पर्दे फाड़कर</a> आपको पूरी तरह <a href="https://www.hearingsol.com/hi/बहरापन-और-श्रवण-हानि/">बहरा करने</a> के लिए काफी है।</p></blockquote>



<h3 id="heading1.2">2. स्वास्थ्य समस्याएं</h3>



<p>यूँ तो आतिशबाजी से काफी समस्याएं होती है। पटाखों से निकली चिंगारी से आपकी आंखें, त्वचा और चेहरा भी जख्मी हो सकता हैं। इनके जहरीले धुएं से आपको सांस संबंधी बीमारियां होना भी मुमकिन है। खासतौर से दमे के मरीजों या स्वसन तंत्र में समस्या से ग्रस्त लोगों को भी इससे बहुत तकलीफ हो सकती हैं।</p>



<p>क्योंकि इनसे निकलने वाली सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड गैस तथा लेड सहित अन्य तत्व बहुत अधिक खतरनाक होते है। वातावरण में इन गैसों की मात्रा अधिक होने से श्वसन नली का सिकुड़ना, <a href="https://www.hearingsol.com/hi/सूंघने-की-शक्ति-कम-होना/">सांस लेने में परेशानी</a>, श्वास नली में रूकावट, गुर्दे में खराबी और त्वचा संबंधी कई समस्याएं भी बढ़ जाती हैं।</p>



<h3 id="heading1.3">3. गर्भवती महिलाओं को खतरा</h3>



<p>गर्भवती महिलाओं के लिए तो यह आतिशबाजी बहुत ही अधिक हानिकारक होती हैं। क्योंकि पटाखों से निकलने वाली जहरीली सल्फर डाइआक्साइड और नाइट्रोजन डाइआक्साइड गैसें जब हवा में घुल जाती हैं। तो यह साँस के जरिये अंदर जा कर माँ और बच्‍चे दोनों को ही नुकसान पहुंचा सकती हैं।</p>



<p>यह <a href="https://www.hearingsol.com/hi/बच्चे-की-सुनने-की-शक्ति/">गर्भावस्था में घुम्रपान</a> के बराबर ही खतरनाक होता है। जिससे असमय गर्भपात का खतरा भी हो सकता है। इतना ही नहीं पटाखों का तेज़ शोर भी <a href="https://www.hearingsol.com/hi/बच्चों-में-श्रवण-हानि/">बच्चों में श्रवण हानी</a> का कारण बनता है। जिससे बच्चे <a href="https://www.hearingsol.com/hi/जन्मजात-बहरापन/">जन्मजात बहरापन</a> का शिकार होकर <a href="https://www.hearingsol.com/hi/श्रवण-बाधित-बच्चे/">श्रवण बाधित</a> हो सकते है।</p>



<h3 id="heading1.4">4. विभिन्न संक्रमण का खतरा</h3>



<p>जितनी आतिशबाजी की आवाज़ नुकसान करती है उतना ही इससे निकलने वाली गैस और धुआं भी हानि पहुँचाता है। क्योंकि पटाखों के स्मॉग (घने धुंए) से आपको खांसी, फेफड़े संबंधी परेशानी, आंखों में संक्रमण, अस्थमा का दौरा, <a href="https://www.hearingsol.com/hi/गले-का-संक्रमण-7-घरेलु-उपाय/">गले में संक्रमण</a>, ह्रदय संबंधी समस्याएं, हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्त चाप), <a href="https://www.hearingsol.com/hi/नाक-की-सूजन-रायनाइटिस/">नाक की एलर्जी</a>, ब्रोंकाइटिस (साँस की नाली में जलन) और निमोनिया जैसी गंभीर समस्यायें होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।</p>



<h3 id="heading1.5">5. मरीजों व अन्य जीवों को हानि</h3>



<p>पटाखों से हॉस्पिटल में मौजूद मरीजों, वृद्धों और शहरी व वन्य इलाकों में पाए जाने वाले पशु−पक्षियों को भी बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई लोगों को पटाखों के कारण असहजता, अवसाद, घबराहट, चिंता विकार, उल्टी होना और तंत्रिका तंत्र बिगड़ना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।</p>



<p>दरअसल, पटाखों से निकलने वाला धुंआ, आवाज और गैस जीव-जंतुओं को बहुत नुकसान पहुंचाती है। कई बार लापरवाही में पटाखों को फोड़ने से लोग अपना हाथ या चेहरा तक जला बैठते हैं। इसके अतिरिक्त लापरवाही से कई अन्य प्रकार की घटनाएं भी हो सकती है। </p>



<h2 id="heading2">सुरक्षित दिवाली कैसे मनाएं?</h2>



<p>ऊपर हमारे द्वारा दी गयी जानकारी से आप यह तो जान ही गए होगे की पटाखों से कितनी समस्याएं होती है?</p>



<ul><li>तो इस स्थिति में हमें क्या करना चाहिए? </li><li>इससे निजात पाने का क्या उपाय है? </li><li>क्या हम क्रैकर्स (आतिशबाजी) जलाना बंद कर दें?</li><li>क्या दीपावली के अवसर पर पटाखे इस्तेमाल करना गलत होता है?</li><li>क्या आतिशबाजी के इस्तेमाल से यह पर्व खराब हो रहा है?</li><li>क्या इस अवसर पर पटाखे न जलान ही एकमात्र उपाय है?</li></ul>



<p>खैर इसका फैसला तो आप पर ही छोड़ता हूँ की आपको क्या करना चाहिए? पर इन प्रश्नों के उत्तर जानना भी बेहद जरुरी है। दीपावली पर आतिशबाजी जलाना खुशियां मानाने का तरीका है। यह एक तरह से इस दिन सत्य की असत्य पर विजय के उपलक्ष्य में किया जाता है। सभी व्यक्ति पटाखे जलाकर आज के दिन रावण के आतंकपूर्ण शासन की समाप्ति, माता सीता के कैदमुक्त होने और प्रभु श्री राम की विजय का उत्सव मानते है।</p>



<h4><strong>उठाने होंगे कुछ समझदारी भरे कदम  :</strong></h4>



<p>चूँकि छोटे-छोटे बच्चों की खुशियां भी इस पर्व से जुडी है। आप भी याद कीजिये जब आप छोटे थे और दीपावली पर पटाखों के लिए जिद करते थे? इतना ही नहीं यह एक बहुत बड़ा कारोबार भी है। जिससे लाखो लोगों का रोजगार चलता है। यदि दीपावली पर आप पटाखे खरीदते है, तो ही इन गरीब मजदूरों के घर में दिवाली मानाने के लिए पैसे आते है।</p>



<p>जिससे उनके नन्हे मुन्हे बच्चों के चेहरे पर भी खिलखिलाती हंसी आती है। इसलिए बेहतर होगा की दिवाली पटाखे जलाना बंद न करें। परन्तु इसके अन्य विकल्पों पर हमें गौर करना चाहिए। लोगों में कम हानिकारक आतिशबाजियों और पटाखों को खरीदने तथा इस्तेमाल करने के लिए जागरूकता बढ़ानी चाहिए।</p>



<p>साथ ही इनके निर्माण में कम नुकसान पहुँचाने वाले तत्वों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए भी जरुरी कदम उठाने चाहिए। जिससे इन पटाखों से होने वाला नुक्सान तो कम हो पर आनंद उतना ही आये। साथ ही लाखों गरीब मजदूर भी बेरोजगार न होने पाएं। जिससे यह हर्षोल्लास का त्यौहार यूँ ही चलता रहे।</p>



<h2 id="heading3">सुरक्षित दिवाली के लिए सरकारी आदेश</h2>



<p>वर्तमान समय में लोगों के स्वाथ्य की सुरक्षा को लेकर सरकार भी जागरूक हो गयी है। इसीलिए वर्ष 2017 में दिवाली से कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पटाखे खरीदने पर बैन लगा दिया गया था। हालाँकि इस मामले में फिर बहुत सोच-विचार के चलते कोर्ट ने दुबारा फैसला दिया की यह बैन सिर्फ ग्रीन नॉर्म्स का पालन न करने वाले पटाखों पर रहेगा।</p>



<p>यही वजह थी की गत वर्षों में लोग कई तरह के पटाखों को नहीं चला पाएं। इस आदेश में यह भी साफ कहा गया था की पटाखे सिर्फ दो घंटे 8 से 10 ही चलाए जा सकते हैं। वैसे तो जो पटाखे इको-फ्रेंडली हों मतलब की सरकार द्वारा निर्धारित ग्रीन नॉर्म्स के अंतर्गत आते हों। उन्हें आप इस दिवाली पर दिल खोलकर खरीद भी सकते हैं और चला भी सकते हैं।</p>



<p>इसके पीछे शर्त बस इतनी सी है कि ऐसी आतिशबाजियों से वायु प्रदुषण और <a href="https://www.hearingsol.com/hi/ध्वनि-प्रदूषण/">ध्वनि प्रदुषण</a> कम होना चाहिए। जिससे की जोगों को इनसे नुकसान कम हों। तो आइये अब हम जानते है की पिछले कुछ वर्षों में सरकार की तरफ से किन-किन हानिकारक पटाखों को बैन किया जा चुका है? जो की अब आपको नहीं मिलेंगे।</p>



<h3 id="heading3.1">1. नहीं मिलेगी पटाखों वाली लड़ी</h3>



<p>वैसे तो दीपावली पर पटाखों की बड़ी लड़ी लोगों की सबसे ज्यादा पसंदीदा होती है। क्योंकि ऐसी एक लड़ी में अमूमन हजार-हजार बम तक जुड़े होते हैं। इसलिए यह एक बार चलना शुरू होते ही कई मिनटों तक लगातार बजती ही रहती है। परन्तु लोगों को इनसे नुकसान भी सबसे ज्यादा होता है।</p>



<p>क्योंकि यह बहुत तेज शोर भी करती है, और बहुत जहरीला धुआं भी छोड़ती है। इसलिए इनकी बिक्री पर सबसे पहले रोक लगायी गयी थी। क्योंकि यह ग्रीन नॉर्म्स के अंतर्गत बिलकुल नहीं आती है। इसलिए यह अब खुले तौर पर बाजार का हिस्सा नहीं है। </p>



<h3 id="heading3.2">2. अत्याधिक शोर वाले पटाखे</h3>



<p>आतिशबाजी की आवाज ही <a href="https://www.hearingsol.com/hi/ध्वनि-प्रदूषण/">ध्वनि प्रदूषण</a> का सबसे बड़ा कारण है। यह स्वास्थ्य के लिए तो नुकसानदायक है ही, साथ ही यह तुरंत बहरा भी बना सकते है। क्योंकि दीपावली में चलाया जाने वाला एक सामान्य बम भी 100 डेसिबल की ध्वनि उत्पन्न करता है। </p>



<p>इतना ही नहीं बहुत से पटाखों का स्तर 150 डेसिबल को भी पार कर जाता है। जबिक इंसान के लिए ध्वनि का मानक स्तर 65 डेसिबल ही है। अतः ऐसे पटाखों से इंसान के दोनों कानों अथवा <a href="https://www.hearingsol.com/hi/एक-कान-में-बहरापन/">एक कान से बहरा होने</a> की बहुत संभावना रहती है। हृदय रोगियों में भी दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।</p>



<h3 id="heading3.3">3. वायु प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे</h3>



<p>जैसा की हम आपको बता चुके है की पटाखों में हानिकारक तत्वों का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए इनका मिश्रण आतिशबाजी को अधिक घातक बना देता है। जब ये पटाखे चलाये जाते हैं तो यह तत्व हवा में घुल उसे प्रदूषित कर देते है।</p>



<p>जिससे लोगों को ठीक से श्वास लेने में परेशानी होती है। जिसके कारण लोगों को अस्थमा, टीबी, दमा, और फेफड़ों से जड़े कई रोग हो जाते हैं। इसलिए दिवाली पर आप ऐसे पटाखे न खरीदें जो खतरनाक तत्वों से बनते हों। </p>



<h3 id="heading3.4">4. गैर सुरक्षित चीनी पटाखे</h3>



<p>हमारे यहाँ बनने वाले पटाखों के मुक़ाबले अधिक सस्ते होने की वजह से चीनी पटाखों और लाइटिंग की मांग व बिक्री बहुत बढ़ जाती है। क्योंकि ये पटाखे ज्यादा रोशनी और तेज़ आवाज करते हैं। लेकिन ये पटाखे प्रदूषण फैलाने के साथ ही दिवाली के लिए सुरक्षित होते हैं जिससे कई हादसे होने का खतरा भी रहता है।</p>



<p>एक रिसर्च में पता चला है कि स्नेक टैबलेट (यानी सांप टिकिया) बच्चों के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक पटाखा है। क्योंकि इन काली टिकियों को जलाने से सांप जैसी आकृति बनती है, पर इनसे बहुत ज्यादा खतरनाक तत्व निकलते हैं। इसके अतिरिक्त फुलझड़ी, चकरी, अनार भी कम हानिकारक नहीं है।</p>



<h2 id="heading4">2020 में ग्रीन पटाखों से सुरक्षित दिवाली</h2>



<p>यदि आप भी यही सोच रहे हैं? की इतने सारे पटाखों को बंद करने से दीपावली पर चलाने के लिए क्या बचा? तो आप परेशान न हों क्योंकि ऐसे बहुत से कम नुकसान वाले पटाखे अभी भी बचे है जिन्हे आप खरीद सकते है। साथ ही आपको बता दूँ की पटाखों के प्रदुषण को कम करने के लिए भी सरकार जागरूक हो चुकी है। इसलिए सरकार द्वारा सुरक्षित दिवाली हेतु ग्रीन पटाखे बनाने और बेचने का प्रस्ताव भी रखा गया था।</p>



<p>इन ग्रीन क्रैकर्स को अब बना लिया गया है। चूँकि यह बिलकुल पारंपरिक पटाखों जैसे ही होते हैं, पर इनके जलने से कम प्रदूषण होता है। इसलिए इनकी विक्री और इस्तेमाल पर भी कोई रोक नहीं होगी। यह ग्रीन पटाखे राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) की खोज हैं। नीरी एक सरकारी संस्थान है, जो वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंघान परिषद (सीएसआईआर) के अंदर आता है।</p>



<p>जब कम प्रदुषण वाले पटाखे बनाने की बात कही गयी, उसी समय से वैज्ञानिक इस खोज में लग गये और सफलता भी हासिल की, इन पटाखों के इस्तेमाल से प्रदुषण पचास प्रतिशत तक कम होगा। इनके निर्माण की विधि पटाखा फैक्ट्रियों के मजदूरों को सिखाई जाएगी। जिससे की उनका रोजगार भी न छीने और दिवाली भी सुरक्षित हो। इस साल बाजार में इन ग्रीन पटाखों के आने की उम्मीद है।</p>



<h2 id="heading5">सुरक्षित दिवाली मनाये ई-पटाखे से</h2>



<p>दिवाली के आनंद को बरक़रार रखने का और हानिकारक पटाखों से सुरक्षित रहने का यह भी एक बेहतर विकल्प है। जब कोर्ट के आदेश पर बाजार से कई आतिशबाजियों को हटा दिया गया, और उनकी विक्री या इस्तेमाल पर बैन घोषित हो गया। तब बाजार में इनकी मांग काफी बढ़ गयी। इन्हे सीधे चाइना से भारतीय बाजार में लाया और बेचा जाता है।</p>



<p>यह दिवाली के लिए बेहद सुरक्षित और उतना ही मनोरंजन करने वाले होते है, और सबसे बड़ी बात यह की इनसे बच्चों को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है। तो चलिए जानते है की क्या होते है ई-पटाखे? और यह कैसे काम करते है? वास्तव में ई-पटाखा आग से चलने वाला कोई साधारण पटाखा नहीं होता है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी होती है।</p>



<p>जिसमें छोटी-छोटी एलईडी लाइट्स, साउंड, और एक बैटरी लगी होती है। इसे एक रिमोट की सहायता से फोड़ा जा सकता है। बटन दबाने पर इसमें से पटाखे जैसी आवाज और रंगबिरंगी रोशनियां निकलती है। सबसे अच्छी बात यह है की इसकी बैटरी को फिर से चार्ज करके पटाखे को बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है।  </p>



<h2 id="heading6">सुरक्षित दिवाली मानाने के लिए सुझाव</h2>



<p>त्यौहार कोई भी हो और कही भी मनाया जाये, पर यह तो सच है की त्यौहार के उत्साह और मस्ती में लोगों से गलतियां तो हो ही जाती है, जिसका खामियाजा बाद में भुगतना पड़ता है। इस वर्ष दिवाली पर ऐसा न हो और आप सुरक्षित रहें इसके लिए यहाँ हम आपको कुछ जरुरी सुझाव और सावधानियों से अवगत करना चाहते है। जिससे की आप दीपों के इस पर्व का पूरी तरह से आनंद प्राप्त करते हुए सुरक्षित दिवाली मनाएं।</p>



<p><strong>यह सभी आवश्यक तथ्य कुछ इस प्रकार है &#8211;</strong></p>



<h3 id="heading6.1">1. सावधानी से जलाएं पटाखे</h3>



<p>यह तो जाहिर सी बात है की आतिशबाजी करते समय बहुत ध्यान रखना चाहिए खासतौर से जब आपके साथ छोटे बच्चे भी हो। इसलिए पटाखे जलाते समय बच्चों को जूते चप्पल पहनने को अवश्य कहें जिससे कोई जलती हुई चिंगारी उनके पैरो को न झुलसा पाए। इसके अतिरिक्त उनके कान में ईयरप्लग और चेहरे पर मास्क भी लगाएं, जिससे वह शोर और प्रदुषण से सुरक्षित रहें।</p>



<h3 id="heading6.2">2. पटाखों को खुद से रखें दूर</h3>



<p>कभी भी आतिशबाजी चलाते समय उसे हाथ में पकड़ कर बिलकुल भी न जलाएं। यह बेहद खतरनाक हो सकता है, क्योंकि पटाखा अचानक भी फट सकता है जिससे आप जख्मी हो सकते है। कोशिश करें की इन्हे दूर से किसी अगरबत्ती या अन्य चीज से जलाएं और अपने कपड़ों और चेहरे से एक सुरखित दूरी बना कर रखें। आधे जले हुए पटाखे को फिर से न जलाएं और उसे पानी आदि में डाल दें। </p>



<h3 id="heading6.3">3. सही कपड़ों का करें चुनाव</h3>



<p>दीपावली पर बहुत सी घटनाएं आग से जलने की होती है। इससे बचने के लिए अपने कपड़ो का सही तरीके से चुनाव करें। बढ़िया दिखने और फैशन के चक्कर में जल्दी आग पकड़ने वाले कपडे बिलकुल भी मत पहने। इनके स्थान पर ऐसे कपड़ों का चयन करें जो जल्दी न जलते हो, अथवा सूती वस्त्र धारण करें तो अधिक बेहतर होगा।</p>



<h3 id="heading6.4">4. बिजली के सामान से दूर जलाएं</h3>



<p>कभी भी पटाखे को किसी बिजली से चलने वाले सामान जैसे &#8211; टीवी, फ्रिज, कूलर, एसी, अथवा बिजली के तारों के समीप बिलकुल भी जलाने की गलती न करें। इससे हादसा होने और तुरंत आग लगने का खतरा बहुत अधिक रहता है। साथ ही आपके कीमती सामान को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बढ़ जाती है।</p>



<h3 id="heading6.5">5. घर के अंदर बिल्कुल न चलाएं</h3>



<p>आतिशबाजी को कभी भी घर के अंदर नहीं चलाना चाहिए। यह किसी भी प्रकार से सुरक्षित और समझदारी भरा काम बिलकुल नहीं है। इससे घर में तुरंत आग लगने या किसी को चोट लगने की सम्भावना बहुत अधिक बढ़ जाती है। साथ ही यदि घर का ढांचा कमजोर हुआ तो मकान ढ़हने का खतरा भी हो सकता है। इसलिए पटाखों को हमेशा खुले स्थान पर ही जलना चाहिए।</p>



<h3 id="heading6.6">6. सुरक्षा का इंतज़ाम साथ रखें</h3>



<p>कभी भी आतिशबाजी से खेलते समय अपने पास सुरखा के पूरे इंतजाम रखने चाहिए। जिससे अचानक हुए किसी भी हादसे को तुरंत सुरक्षा पूर्वक टाला जा सके। इसके लिए आप अपने पास पानी से भरी एक बाल्टी अवश्य रखें। पटाखों को यहाँ वहां न छोड़ें, अधजले पटाखे, अनार, फुलझड़ियों को इस्तेमाल के बाद पानी डाल दें। साथ ही जलने से बचने के लिए कुछ मलहम या ठंडक प्रदान करने वाली वस्तुएं जरूर रखें, अथवा तुरंत पानी के छींटे मारें।</p>



<h2 id="heading7">पटाखे से जलने पर घरेलु उपचार</h2>



<p>वैसे तो सुरक्षा करना तो बेहद जरुरी है ही, पर ऐसी स्थिति में क्या किया जाये? जब अचानक से कोई हादसा हो जाये? दिवाली के समय जलना तो आम बात है ही क्योंकि, उत्साह की अधिकता में लोग लापरवाही कर ही जाते है? तो ऐसे में कुछ जरुरी घरेलु उपचारो से आप आवश्यक सहायता मिलने तक स्थिति को नियंत्रित कर सकते है। </p>



<h4><strong>जलन से तुरंत रहत देने वाले सभी उपाय निम्नलिखित है &#8211;</strong></h4>



<ul><li>जल जाने पर त्वचा पर ठंडा तुरंत पानी डाल दें।</li><li>हाथ-पैर पानी में डाल कर रखें या गीला कपडा बांधें।</li><li>जले हुए हिस्से पर थोड़ा नारियल का तेल लगाएं।</li><li>नारियल का तेल जलन को कम कर राहत देता है।</li><li>हल्दी को पानी में घोल कर जली त्वचा पर लगाएं।</li><li>कच्चा आलू या गाजर को पीसकर जले पर लगा दें।</li><li>तुलसी का रस लगाने से जलन और दाग नहीं होंगे।</li></ul>



<h4><strong>जल जाने पर यह गलतियां बिलकुल भी न करें &#8211;</strong></h4>



<ul><li>जली त्वचा पर बर्फ न लगाएं, इससे खून का थक्का बन सकता है।</li><li>झुलसी हुई त्वचा पर तुरंत मक्खन, घी आदि बिलकुल न लगाएं।</li><li>फफोले पड़ने पर उन्हें फोड़ने की गलती न करें, संक्रमण हो सकता है।</li><li>कभी भी कपास या रुई न लगाएं यह जली त्वचा पर चिपक सकती है।</li><li>ज्यादा जलने पर उस व्यक्ति को तुरंत या अधिक पानी न पिलायें।</li><li>उसे थोड़ा-थोड़ा करके ही पानी, तरल या ओआरएस घोल पिलायें।</li><li>जला कपडा त्वचा पर चिपक जाने पर उसे तुरंत खीचें या हटाएँ नहीं।</li><li>इससे त्वचा के फटने और उस स्थान पर घाव होने का खतरा होता है। </li></ul>



<h2 id="heading8">निष्कर्ष व परिणाम</h2>



<p>दिवाली हम सभी का त्यौहार है जिसे आज के समय वैश्विक स्तर पर भी मनाया जाने लगा है। दिवाली की धूम भारत से बाहर भी विश्व के कोने कोने में मचने लगी है। ऐसे में हमें सुरक्षित दिवाली मनाए जाने पर ध्यान देना चाहिए। जिससे आपके कीमती पलों में कुछ यादगार लम्हे और जुड़ जाएँ। साथ ही आपको अपने परिवार के साथ कुछ आनंदायक क्षणों को बिताने का अवसर प्राप्त हो सके। चूँकि यह त्यौहार हम सभी के लिए खुशियां और सकारात्मक सोच लेकर आता है इसलिए उन खुशियों को बरक़रार रखें। सुरक्षित रहें और स्वस्थ रहें।</p>
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